
पाली, 26 मार्च। पाली जिले में जलदाय विभाग के पेयजल आपूर्ति नेटवर्क से जुड़ी राइजिंग एवं डिस्ट्रीब्यूशन मेन (आपूर्ति और वितरण पाइपलाइन) से अवैध रूप से कनेक्शन लेने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए जिले में आगामी तीन माह तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। जलदाय मंत्री डॉ. बी. डी. कल्ला ने पिछले दिनों विधानसभा में इस संबंध में घोषणा की थी। इस सम्बंध में जलदाय विभाग की ओर आदेश जारी कर जिले में फील्ड में कार्यरत अभियंताओं को अवैध कनेक्शनों के खिलाफ कार्यवाही करने के लिए विस्तृत निर्देश जारी किए गए हैं।
जिला कलक्टर अंश दीप ने बताया कि अवैध जल कनेक्शनों के कारण विभाग के पूरे सप्लाई सिस्टम पर विपरीत प्रभाव तो पड़ता ही है, साथ ही वैध कनेक्शन वाले नियमित उपभोक्ताओं को कठिनाई का सामना करना पड़ता है। टेल एंड पर तो नियमित उपभोक्ताओं को कम प्रेशर और अपर्याप्त मात्रा में आपूर्ति की समस्या से जूझना पड़ता है। ऐसे में आगामी तीन माह तक पूरे प्रदेश में विशेष अभियान आरम्भ करने का निर्णय किया गया है।
उन्होंने बताया कि इस विशेष अभियान के लिए जिले में अधीक्षण अभियंता को अभियान का नोडल अधिकारी बनाया गया है। उन्हें आगामी तीन माह की अवधि में जिले को अवैध पेयजल कनेक्शन से मुक्त करने के लक्ष्य के साथ धरातल पर कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं। रीजन में कार्यरत अतिरिक्त मुख्य अभियंता अपने क्षेत्रों में इस अभियान की मॉनिटिरिंग करेंगे। अभियान में हासिल की जाने वाली प्रगति की जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट के स्तर पर प्रति सप्ताह आयोजित होने वाली बैठक में समीक्षा की जाएगी।
उन्होंने बताया कि विशेष अभियान के तहत पूरे जिले में विभाग के पेयजल आपूर्ति नेटवर्क से जुड़ी राइजिंग एवं डिस्ट्रीब्यूशन मेन (आपूर्ति और वितरण पाइपलाइन) पर अवैध कनेक्शनों की पहचान के लिए सर्वे किया जाएगा। राइजिंग मेन पर अवैध कनेक्शन वाले व्यक्तियों को नोटिस जारी कर तीन दिन के अंतराल में अवैध कनेक्शन को हटाने तथा इससे राइजिंग मेन को हुई क्षति को दुरूस्त करने का समय दिया जाएगा। यदि अवैध कनेक्शन से सम्बंधित कोई व्यक्ति इस नोटिस के सम्बंध में वांछित कार्यवाही नहीं करेगा तो विभाग द्वारा अवैध कनेक्शन को हटाने की कार्यवाही की जाएगी तथा सम्बंधित के खिलाफ पुलिस में राजकीय सम्पति को नुकसान पहुंचाने के बारे में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
उन्होंने बताया कि विभाग की डिस्ट्रीब्यूशन लाइन से अवैध कनेक्शनों के मामले में पहले डिफॉल्टर को जल आपूर्ति नियमों के तहत अपने कनेक्शन को नियमित कराने को कहा जाएगा। इसकी पालना नहीं करने पर विभाग द्वारा अवैध कनेक्शन को हटाते हुए सम्बंधित के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि विभागीय अधिकारियों को सर्वे में सामने आने वाले सभी अवैध कनेक्शनों, काटे गए अवैध कनेक्शन तथा इस सम्बंध में पुलिस में एफआईआर दर्ज कराने के प्रकरणों का पूरा रिकार्ड संधारित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सभी अधिकारियों को अवेध कनेक्शनों के खिलाफ संचालित अभियान के तहत प्रति सप्ताह प्रगति रिपोर्ट राज्य स्तर पर भिजवाने के लिए पाबंद किया गया हैं।
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