
पाली- अधिकारिता विभाग द्वारा गुरूवार आयोजित वीडियो काॅंन्फ्रेंस के माध्यम से विभाग के अधीन कार्यरत सुपरवाईजर प्रचेता एवं साथिनों को महिला उत्पीड़न एवं हिंसा के नियमों की जानकारी प्रदान की गई।
महिला अधिकारिता विभाग की आयुक्त रश्मि गुप्ता ने अपने सम्बोधन में संरक्षण अधिकारियों,सुपरवाईजरों,प्रचेता एवं साथिनों को नियमों की जानकारी प्रदान कर अपने कर्तव्यों एवं उत्तरदायित्वों की जानकारी दी एवं आपसी समन्वय से महिलाओं को राहत प्रदान करने हेतु निर्देशित किया।
उप निदेशक संगीता मीणा द्वारा महिला के यौन उत्पीड़न, घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम 2005, कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (रोकथाम, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम 2013, राजस्थान डायन प्रताड़ना निवारण अधिनियम 2015, उत्पीड़ित महिला को सखी वन स्टाॅप सेन्टर एवं महिला सुरक्षा एवं सलाह केन्द्र द्वारा प्रदान की जाने वाली सहायता, विधिक सहायता के साथ-साथ ही उत्पीड़न पर देय विभिन्न धाराओं के तहत् सजा एवं जुर्माना के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। वीसी में सहायक निदेशक भागीरथ, जिले में पदस्थापित सुपरवाईजर, प्रचेता के साथ-साथ ही 193 साथिनों ने ब्लाॅकों पर स्थित राजीव गांधी सेवा केन्द्रों पर भाग लिया।

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